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Yoga in Ishavashya upanishad in Hindi for NTA NET/JRF

योग उपनिषद् इशावास्योपनिषदकठोपनिषद प्रश्नोपनिषद मुण्डक उपनिषद्माण्डुक्य उपनिषद् केन उपनिषद् एतेरय उपनिषद्तेतिरियोपनिषदछान्द्ग्योपनिषदबृहदारन्यक उपनिषद् ईशावास्योपनिषद् स्लोक संख्या -1 ॐ ईशा पास्यमिदं सर्वं यत्किंच जगत्यां जगत्।तेन त्यत्केन भुन्जीथा मा गृधरू कस्य स्विद्धनम्।। 2।। अनुवाद-अखिल ब्रह्माण्ड में जों कुछ भी जड-चेतन स्वरूप जगत है, यह सभी  ईष्वर से व्याप्त है। उसे ईष्वर के साथ रखते हुए त्याग पूर्वक इसे […]